दोस्तों आज हम आपको पूर्ण जानकारी देंगे की Double marker test क्या है ? किसके लिए जरुरी है, क्यों करवाते है, कब करवाते है इत्यादि सभी जानकारी प्रदान करेंगे हम आज आपको। काफी सारे लोगो को Double marker test के बारे ज्यादा कुछ पता नहीं होता है , आपको जानकारी देते है की Double marker test को dual marker test और Maternal test भी कहा जाता है. Double marker test सिर्फ और सिर्फ गर्भवती / प्रेगनेंट महिलाओ के लिए किया जाने वाला टेस्ट है.

Double marker test क्यों करवाया जाता है ?

जैसे हमने आपको बताया की यह टेस्ट  गर्भवती / प्रेगनेंट महिला के लिए करवाया जाता है, इस टेस्ट को इसलिए करवाया जाता है की जो बच्चा महिला की गर्भ में है उसका विकास हो रहा है उस भ्रूण में कोई खामी तो नहीं है , उसके स्वास्थ्य में कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना, भ्रूण में स्वास्थ्य की प्रॉब्लम की बात करे तो जो बच्चा है उसमे कोई मानसिक मंदता (mental retardation) या कोई जन्म दोष तो नहीं है.

जन्म दोष के प्रकार

Down syndrome :

 

Double marker test

 

इस में जो बच्चा होता है वो पूरी तरह मानसिक मंद होता यानि की वो mentally retarded होता है। इस बीमारी में बच्चे के हॉर्मोन्स (hormones) सही तरीके से विकसित नहीं होते है और वो नार्मल बच्चो जैसा नहीं होता है. उसे काफी साडी शारीरिक समस्या हो जाती है जैसे की बच्चे की किडनी सही तरह से काम नहीं करती, बच्चे का दिल सही से काम नहीं करता है और कई तरह की बिमारिओ का सामना करना पद सकता है छोटे बच्चो को काम आयु में ही।

Edward syndrome :

 

Double marker test

 

दोस्तों इस में बच्चे की हाथ और पैर की उंगलिया सही से विकसित नहीं होती है. साथ ही उसके कान भी अच्छे से विकसित नहीं होते है और बच्चा मानसिक भी स्वस्थ नहीं रहता है. मतलब की बच्चे के शरीर का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो रहा होता है.

 

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Patau syndrome :

 

Double marker test

 

इस बीमारी में भी बच्चे के कुछ अंग सही से विकसित नहीं हो पाते है, बच्चे के होठ फटे रहते है और उसके हाथ पैर भी अच्छे से विकसित नहीं हो पाते है

Neural Tube Defects (NTD ):

 

Double marker test

 

इस टेस्ट में साथ ही में बच्चे को Neural Tube Defects है की नहीं है उसके संभावना के बारे में भी पहले से पता कर सकते है. आपकी जानकारी के लिए बता दे की बच्चे का जब विकास होता है तो उसकी शुरुआत Neural Tube बनने से होती है. अगर Neural Tube सही से नहीं बन रही है तो बच्चे की कमर में गाँठ सी बन जाती है, और इस बीमारी के साथ पैदा होने वाले बच्चो को और भी कई बीमारिआ रहती है और 5 साल से ज्यादा जिंदा नहीं रह पाते है.

Double marker test किसे करवाना चाहिए :

  • जैसे पहले ही बताया है हमने आपको की यह टेस्ट प्रेगनेंट महिलाओ के लिए है , तो यह टेस्ट जो प्रेगनेंट है उनको ही करवाना है
  • अगर बच्चे के माता पिता की फॅमिली में ऐसी कोई बीमारी किसी को हुई थी पहले उनके परिवार में तो उनको करवाना जरुरी है.
  • साथ ही में अगर आप आईविऍफ़ (IVF) करवा रहे है तो इसमें यह टेस्ट करवाना जरुरी हो जाता है, IVF ज्यादातर 35 साल से ज्यादा आयु हो तो करवाया जाता है.
  • अगर किसी माता पिता का पहला बच्चा इस तरह की किसी बीमारी से ग्रस्त है तो यह टेस्ट करवाना जरुरी बन जाता है.
  • अगर आपको डायबिटीज की बीमारी है या हॉरमोन्स की कोई समस्या है तो इस तरह की परिस्थिति में यह टेस्ट करवाना जरुरी है

 

Double marker test

 

Double marker test कब करवाना चाहिए :

इस Double marker test को एक सही समय पर करवाना काफी जरुरी है अगर समय पर नहीं किया गया तो आपको इसके रिजल्ट में ज्यादा अंतर बन जाता है। तो यह जरुरी रहेगा की जो महिला के गर्भ में जो भ्रूण पल रहा है वो 3 महीने से पहले Double marker test करवाना जरुरी है। और उसमे में प्रेगनेंसी के 11 से 14 हफ्ते के बिच यह टेस्ट करवाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है.

 

 

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Double marker test को Dual Test क्यों कहते है

Double marker test को dual टेस्ट इसलिए कहते है क्युकी इसमें दो टेस्ट होते है
पहला जो टेस्ट होता है वो है Free beta hCG (human chorionic gonadotropin)
और जो दूसरा टेस्ट है वो होता है PAPP-A (pregnancy associated plasma protein A)
इस टेस्ट के रिजल्ट को कम या ज्यादा होने से बहुत सारी चीजे निर्भर होती है
Free beta hCG की नार्मल रेंज होती है : 25700 – 288000 mIU / ml
PAPP-A की नार्मल रेंज होती है वो 0.5 MoM से ज्यादा होती है

 

Double marker test

 

Free beta hCG test high का क्या मतलब होता है ?

Free beta hCG एक ग्लाइकोप्रोटीएन होता है जो गर्भवस्था के दौरान नाल द्वारा निर्मित होता है. रेंज से ज्यादा है तो वो हमें सूचित करता है की बच्चे के अंदर Down syndrome है या Edward syndrome है.

PAPP-A test low का क्या मतलब होता है ?

PAPP-A एक महत्व पूर्ण प्लाज़्मा प्रोटीन है , प्लाज़्मा प्रोटीन का निम्न स्तर Down syndrome की जोखिम का संकेत है.

 

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Double marker test करवाने की requirement

इस टेस्ट को करवाने के लिए एक लेटेस्ट Ultra Sound Test की रिपोर्ट करवानी जरुरी है
एक बात अच्छी है इस टेस्ट में महिला को फास्टिंग करने की जरुरत नहीं है, मतलब की महिला टेस्ट से पहले भूखे रेहने की ऐसी कुछ जरुरत नहीं है.

Double marker test पॉजिटिव का क्या मतलब है ?

दोस्तों अगर Double marker test अगर पॉजिटिव आता है तो बच्चे के माता पिता प्रेगनेंसी को टर्मिनेट यानि की गर्भपात करवा सकते है MTP के रूल्स के अनुसार। क्यों की टेस्ट पॉजिटिव है मतलब के जो बच्चा पैदा होगा वो किसी न किसी बीमारी के साथ पैदा होगा और वो नार्मल लाइफ नहीं जी पायेगा और साथ ही में वो बहुत कम जी पायेगा। और ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते है.

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